हरियाणा
की जनसंख्या (2011 ) 2. 54 करोड़
के लगभग है | ग्रामीण जनसंख्या 16,509 ,359 है
| 5 हजार
पर एक उप स्वास्थ्य
केंद्र , 30. 000 पर एक प्राथमिक
स्वास्थ्य केंद्र और एक लाख
पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य
केंद्र ग्रामीण क्षेत्र का प्रारूप माना
गया है |
जो
अब स्वास्थ्य सुविधाओं का ढांचा है
: ( 2015 --2016 के आंकड़ों पर
आधारित )
जो स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा होना
चाहिए :
1 . उप
स्वास्थ्य केंद्र ------------ 2630 उप स्वास्थ्य
केंद्र
------------ 3301
2. प्राथमिक
स्वास्थ्य केंद्र--------486 प्राथमिक स्वास्थ्य
केंद्र-------- 550
3. सामुदायिक
स्वास्थ्य केंद्र -----119 सामुदायिक स्वास्थ्य
केंद्र ----- 165
71 .1 % ( 6 -59 ) महीनों
के बीच के बच्चे खून
की कमी के शिकार हैं|
(15 -49 ) साल के बीच की
महिलाएं और लड़कियां खून
की कमी की शिकार हैं
|(15 -19 ) साल की किशोर लड़कियों
में 62 . 7 % में खून की कमी है
|इसी उम्र के 29 . 7 % लड़कों में खून की कमी पाई
गई | ( 15 -19 ) साल
की 36 . 6 % किशोरियां कुपोषण की शिकार हैं
| इसी उम्र के 30.6 % लड़कों में कुपोषण है |
यदि
2020 की
अनुमानित जनसंख्या (2.89 Crore)पर सोचा जाये
तो और भी ज्यादा
ढांचा चाहिए | सरकारी ढांचे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 1 सर्जन , 1 शिशु रोग विशेषज्ञ , 1 स्त्री रोग विशेषज्ञ और 1 फिजिसियन होना चाहिए | ये चारों स्पेस्लिस्ट
शायद ही किसी सामुदायिक
केंद्र में हों इस
प्रकार यदि प्राथमिक और सैकण्डरी स्तर
की स्वास्थ्य
सेवाओं के
ढांचे का यह हाल
है तो टर्सरी स्तर
के पी जीआई एम एस
रोहतक और दूसरे मैडीकल की
हालत समझी जा सकती है
|
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