Saturday, October 19, 2013

नाबालिग का भाग कर शादी करना अपराध नहीं: हाई कोर्ट - Minors eloping to marry not an offence says Punjab and Haryana High court - Navbharat Times

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मोदी के गुजरात में 'किराए की कोख' बनी फैमिली बिजनस - Surrogacy is becoming a family enterprise in Modi ruled Gujarat - Navbharat Times

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Polit Bureau censures Achuthanandan - The Hindu

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Woman should be covered from head to toe, says Khap leader - The Hindu

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Wednesday, May 29, 2013

महिलाओं को चिकित्सा के साथ कानूनी मदद भी

महिलाओं को चिकित्सा के साथ कानूनी मदद भी

Posted On May - 29 - 2013
हमारे प्रतिनिधि
चंडीगढ़ 29 मई। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बादशाह खान अस्पताल, फरीदाबाद और सामान्य अस्पताल, गुडग़ांव में महिलाओं के लिए वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर (ओएससीसी) स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की है। यह सेंटर चौबीसों घंटे खुले रहेगा और इनमें ड्यूटी डॉक्टर एवं पुलिसकर्मी भी हमेशा उपलब्ध रहेंगे।ओएससीसी, फरीदाबाद के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रोनिता अहलावत तथा गुडग़ांव के लिए वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनीता शर्मा को समन्वयक नियुक्त किया गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की महानिदेशक सुमिता मिश्रा ने आज यहां कहा कि ओएससीसी एक व्यापक सेवा केंद्र होगा, जो घरेलू हिंसा, यौन उत्पीडऩ आदि की शिकार महिलाओं को एक ही छत के नीचे केवल चिकित्सा सुविधाएं ही नहीं बल्कि कानूनी सहायता, पुलिस सेवा तथा परामर्श जैसी अन्य सहायक सेवाएं भी उपलब्ध करवाएगा। प्रत्येक ओएससीसी की स्थापना पर लगभग 35 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इतना ही नहीं, पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल में भी एक और ओएससीसी स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग इसके संचालन में अग्रणी भूमिका निभाएगा तथा स्वास्थ्य, गृह तथा पुलिस विभाग अन्य प्रतिभागी विभाग होंगे। केंद्र की अध्यक्षता एक समन्वयक द्वारा की जाएगी और जिस अस्पताल में ओएससीसी स्थापित किया गया है, उस अस्पताल का वरिष्ठ डॉक्टर समन्वयक होगा।
उन्होंने कहा कि ओएससीसी के सुचारु संचालन के लिए समन्वयक के अतिरिक्त आठ से दस व्यक्तियों का एक दल भी कार्य करेगा जिसमें एक सलाहकार, एक पुलिस अधिकारी, एक वकील, दो ऑन ड्यूटी डॉक्टरों के अतिरिक्त  नर्स, हैल्पर्स, जमादार जैसे अन्य सहायक स्टॉफ शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान के उद्देश्य के साथ राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक राज्य मिशन प्राधिकरण गठित किया है। महिलाओं से संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों को एक मिशन मोड में क्रियान्वित करने के लिए राज्य महिला संसाधन केंद्र भी स्थापित किया गया है।

मजदूरों की बस्ती में लगी आग

मजदूरों की बस्ती में लगी आग

Posted On May - 29 - 2013
बुधवार दोपहर बाद गुडगांव जिले के गांव वजीराबाद (डीएलएफ क्षेत्र) में झुग्गी-झोंपडियों में लगी आग के बाद पीडि़त अपना सामान ढूंढते हुए। - हप्र
गुडग़ांव, 29 मई (हप्र)। आज दोपहर बाद निकटवर्ती गांव वजीराबाद (डीएलएफ क्षेत्र) की मजदूरों की एक बस्ती में अचानक आग लगने से सौ से अधिक झुग्गी झौपडियां जलकर राख हो गई है। लोगों का काफी नुक्सान हुआ है। लेकिन किसी के प्राण हानि का समाचार नहीं है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज दोपहर बाद अचानक वजीराबाद में झुग्गी झौपडियों में आग लग गई। आग से पहले एक कुकिंग गैस के छोटे सिलेंडर में आवाज सुनाई दी। ज्ञात हुआ है कि कुकिंग गैस के सिलेंडर से ही आग फैलकर सभी झुग्गी झौपडियों में फैल गई है। निजी लोगों द्वारा किराया वसूलने के लिए ऐसे यहां पर कई झुग्गी कालोनियां है।
आग की सूचना मिलते ही फायर बिग्रेड की छह गाडियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। तेज धूप और गर्मी के कारण आग तेजी से फैल गई और पूरी बस्ती को चपेट में ले लिया। रोते बिलखते लोग जान बचाकर भागे और उन्होंने अपने सामान की प्रवाह नहीं की।
फायर बिग्रेड के एक अधिकारी ने बताया है कि इन झुग्गी झौपडियों में बिजली के अवैध कनेक्सन, कुकिंग गैस के छोटे सिलेंडर लगा रहना आम बात है। जो लापरवाही के कारण आग फैलाने का काम करते हैं और इसके परिणामस्वरूप हर साल सैंकडों परिवारों को आर्थिक नुक्सान का सामना करना पडता है और कई बार उनकी जान भी गई है।
उधर सूत्रों ने बताया है कि गांव और आस पास के गांव में विभिन्न राज्यों से यहां आकर मजदूरी कर मजदूर कबाडा भी अपने यहां इकट्ठा करते हैं जो अचानक लगी आग को फैलाने का काम करते हैं। अभी इस बस्ती में लगी आग का सही कारण तो पता नहीं लगा है। लेकिन देर सांय तक पीडित अपनी जान बच जाने के बाद अपना कीमती सामान खोज रहे थे। उनके पास अग्रि काण्ड के बाद न तो खाने को कुछ था और न ही पहनने के लिए कपडे बचे थे। मौके पर सैंकडों परिवार उजड गए थे और उन्हें रात को अपने खाने के भी लाले पडते दीख रहे थे। इस बारे में रोते हुए बिहार के एक नागरिक रामदीन ने बताया कि उन्हें नहीं मालूम आग कैसे लगी वह तो कबाडा बिनने के लिए गया था और आग की सूचना पाकर जब यहां पहुंचा तो उसका सबकुछ उजड चुका था। वह यहां अकेला रह रहा था। लेकिन अन्य झुग्गी झौपडियों में महिलाएं और बच्चे भी थे।