Sunday, December 5, 2010
Saturday, December 4, 2010
राज्य संसाधन केंद्र हरयाणा
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आरोपियों की शनाखत
पीड़ित युवती ने की आरोपियों की शिनाख्त
Jan 01, 05:30 am Printनई दिल्ली, जागरण संवाददाता : धौलाकुआं सामूहिक दुष्कर्म मामले में पीड़ित युवती ने शनिवार को गिरफ्तार दोनों आरोपियों शमशाद उर्फ खुटकन व उस्मान उर्फ काले की शिनाख्त कर ली। दोनों की तिहाड़ जेल में टीआईपी यानी शिनाख्त परेड कराई गई। दक्षिण जिला के डीसीपी एचजीएस धालीवाल ने शनिवार रात वसंत विहार थाने में पत्रकारों से बातचीत में इस बात की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि मामले के तीसरे आरोपी शाहिद उर्फ छोटा बिल्ली को प्रोडक्शन वारंट पर दिल्ली लाया गया है। शाहिद ने गत 26 नवंबर पशु चोरी के मामले में बल्लभगढ़ कोर्ट में समर्पण कर दिया था। उसके खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया गया है।
ज्ञात हो कि दिल्ली पुलिस को पहले शाहिद के बारे में ही जानकारी मिली थी। पुलिस ने निमका जेल में जाकर सबसे पहले इसी से पूछताछ की थी। इसने दुष्कर्म कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की व अन्य आरोपियों के बारे में भी पुलिस को जानकारी दी। इसके आधार पर गत दिनों दिल्ली पुलिस ने मेवात के धौज व मीरपुर गांव में भारी पुलिस बल के साथ छापामारी कर दो आरोपी शमशाद व उस्मान को गिरफ्तार कर लिया। मामले के फरार चल रहे आरोपी कमरू उर्फ मोबाइल को भी कई बार मेवात के इलाके में घेर लिया गया किंतु वह पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल हो गया। उसे इस कांड का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। इसके अलावा इकबाल उर्फ बड़ी बिल्ली भी फरार है। इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस की कई टीमें अभी भी छापामारी कर रही है।
उधर, पुलिस सूत्रों के मुताबिक शनिवार की शाम बड़ी बिल्ली को भी दिल्ली पुलिस ने दबोच लिया है। किंतु देर रात तक कोई भी वरिष्ठ अधिकारी इस बारे पुष्टि नहीं की।
Jan 01, 05:30 am Printनई दिल्ली, जागरण संवाददाता : धौलाकुआं सामूहिक दुष्कर्म मामले में पीड़ित युवती ने शनिवार को गिरफ्तार दोनों आरोपियों शमशाद उर्फ खुटकन व उस्मान उर्फ काले की शिनाख्त कर ली। दोनों की तिहाड़ जेल में टीआईपी यानी शिनाख्त परेड कराई गई। दक्षिण जिला के डीसीपी एचजीएस धालीवाल ने शनिवार रात वसंत विहार थाने में पत्रकारों से बातचीत में इस बात की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि मामले के तीसरे आरोपी शाहिद उर्फ छोटा बिल्ली को प्रोडक्शन वारंट पर दिल्ली लाया गया है। शाहिद ने गत 26 नवंबर पशु चोरी के मामले में बल्लभगढ़ कोर्ट में समर्पण कर दिया था। उसके खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया गया है।
ज्ञात हो कि दिल्ली पुलिस को पहले शाहिद के बारे में ही जानकारी मिली थी। पुलिस ने निमका जेल में जाकर सबसे पहले इसी से पूछताछ की थी। इसने दुष्कर्म कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की व अन्य आरोपियों के बारे में भी पुलिस को जानकारी दी। इसके आधार पर गत दिनों दिल्ली पुलिस ने मेवात के धौज व मीरपुर गांव में भारी पुलिस बल के साथ छापामारी कर दो आरोपी शमशाद व उस्मान को गिरफ्तार कर लिया। मामले के फरार चल रहे आरोपी कमरू उर्फ मोबाइल को भी कई बार मेवात के इलाके में घेर लिया गया किंतु वह पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल हो गया। उसे इस कांड का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। इसके अलावा इकबाल उर्फ बड़ी बिल्ली भी फरार है। इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस की कई टीमें अभी भी छापामारी कर रही है।
उधर, पुलिस सूत्रों के मुताबिक शनिवार की शाम बड़ी बिल्ली को भी दिल्ली पुलिस ने दबोच लिया है। किंतु देर रात तक कोई भी वरिष्ठ अधिकारी इस बारे पुष्टि नहीं की।
रात की ड्यूटी और महिला
महिला कर्मियों को पहुंचाना होगा घर तक
Jan 01, 05:30 am Printनई दिल्ली, राज्य ब्यूरो : घटना होने के बाद जागने की शायद सरकार की पुरानी आदत है। भले ही राजधानी में सुरक्षा की जिम्मेवारी दिल्ली सरकार के कंधों पर न हो लेकिन कामकाजी महिलाओं को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए शीला सरकार आगे आई है। शनिवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो महिलाएं नौकरी करती हैं, उन्हें घर तक या घर के समीप किसी सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की जिम्मेवारी उस संस्थान की हैं जहां वह काम करती है। इसके लिए उन्होंने श्रम आयुक्त से आदेश जारी करने के लिए कहा है। सोमवार को आदेश जारी हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्दियों में शाम सात बजे और गर्मियों में आठ बजे के बाद महिलाओं को उनके घर तक पहुंचाना जरूरी है। सभी बीपीओ, मीडिया दफ्तरों और अस्पतालों से इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा जा रहा है। सरकार का मानना है कि ऐसी व्यवस्था लागू होने से बहुत हद तक कामकाजी महिलाएं सुरक्षित हो सकेंगी।
बलात्कार के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत के गठन के नॉर्थ-इस्ट हेल्पलाइन की प्रतिनिधियों के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा। मगर इस मामले में अंतिम निर्णय उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को लेना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष अदालत के गठन से पीडि़त पक्ष को जल्द न्याय मिल सकेगा।
बैठक में दिल्ली पुलिस की तरफ से भरोसा दिलाया गया कि संकट के समय उत्तार-पूर्व की महिलाओं द्वारा की गई कॉल के दौरान भाषा की परेशानी दूर करने के लिए हेल्पलाइन पर सुपरवाइजर तैनात कि ए जाएंगे। हालांकि यह कब तक हो पाएगा इस विषय में कोई निश्चित समय सीमा नहीं बताई गई है।
दिल्ली नगर निगम से कहा जा रहा है कि उन कॉलोनियों में सभी संकेतक सही होने चाहिए और रात में बत्तिाया जलती रहें, जहां ज्यादा संख्या में उत्तार पूर्व की महिलाएं रहती हैं। प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि महिलाओं के साथ बदसलूकी के मामलों की हर दिन सुनवाई हो और इसके लिए फास्ट ट्रैक अदालतें हों। शीला दीक्षित ने कहा कि एनईएमपी फोरम और एनई हेल्पलाइन के साथ आगे भी विचार विमर्श करेंगी ताकि उत्तार पूर्व की महिलाओं में सुरक्षा और भरोसे की भावना का संचार हो सके।
वादे हैं वादों का क्या
मुख्यमंत्री ने आज बैठक में यह भी कहा कि सरकार डीटीसी बसों पर महिलाओं की मदद के लिए सभी हेल्पलाइन नंबर प्रचारित करेगी। हालांकि ऐसा ही वायदा आज से सात साल पहले 18 दिसंबर 2003 को सिंधिया हाउस में हुई परिवहन विभाग की एक बैठक में भी किया गया। बैठक में परिवहन विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से डीटीसी की बसों में हेल्पलाइन नंबर लिखने का वादा किया था। यह नंबर थे- 9604, 400-400 और 1091। इन्हें डीटीसी की बसों के अंदर और बाहर मोटे अक्षरों में लिखा जाना था। यह वायदा किन फाइलों में दब गया, कोई नहीं जानता।
इन नंबरों से पा सकते हैं मदद
दिल्ली पुलिस के हेल्पलाइन नंबर हैं- 100, 1090, 1091 और 23317004। इसके अलावा दिल्ली महिला आयोग ने दुष्कर्म मामलों के लिए 24 घटे की हेल्पलाइन शुरू की है। यह है 23370557। इसका एक टोल-फ्री नंबर 1800-11-9292 है। संकट में महिलाएं 23379181 पर भी संपर्क कर सकती हैं।
Jan 01, 05:30 am Printनई दिल्ली, राज्य ब्यूरो : घटना होने के बाद जागने की शायद सरकार की पुरानी आदत है। भले ही राजधानी में सुरक्षा की जिम्मेवारी दिल्ली सरकार के कंधों पर न हो लेकिन कामकाजी महिलाओं को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए शीला सरकार आगे आई है। शनिवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो महिलाएं नौकरी करती हैं, उन्हें घर तक या घर के समीप किसी सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की जिम्मेवारी उस संस्थान की हैं जहां वह काम करती है। इसके लिए उन्होंने श्रम आयुक्त से आदेश जारी करने के लिए कहा है। सोमवार को आदेश जारी हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्दियों में शाम सात बजे और गर्मियों में आठ बजे के बाद महिलाओं को उनके घर तक पहुंचाना जरूरी है। सभी बीपीओ, मीडिया दफ्तरों और अस्पतालों से इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा जा रहा है। सरकार का मानना है कि ऐसी व्यवस्था लागू होने से बहुत हद तक कामकाजी महिलाएं सुरक्षित हो सकेंगी।
बलात्कार के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत के गठन के नॉर्थ-इस्ट हेल्पलाइन की प्रतिनिधियों के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा। मगर इस मामले में अंतिम निर्णय उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को लेना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष अदालत के गठन से पीडि़त पक्ष को जल्द न्याय मिल सकेगा।
बैठक में दिल्ली पुलिस की तरफ से भरोसा दिलाया गया कि संकट के समय उत्तार-पूर्व की महिलाओं द्वारा की गई कॉल के दौरान भाषा की परेशानी दूर करने के लिए हेल्पलाइन पर सुपरवाइजर तैनात कि ए जाएंगे। हालांकि यह कब तक हो पाएगा इस विषय में कोई निश्चित समय सीमा नहीं बताई गई है।
दिल्ली नगर निगम से कहा जा रहा है कि उन कॉलोनियों में सभी संकेतक सही होने चाहिए और रात में बत्तिाया जलती रहें, जहां ज्यादा संख्या में उत्तार पूर्व की महिलाएं रहती हैं। प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि महिलाओं के साथ बदसलूकी के मामलों की हर दिन सुनवाई हो और इसके लिए फास्ट ट्रैक अदालतें हों। शीला दीक्षित ने कहा कि एनईएमपी फोरम और एनई हेल्पलाइन के साथ आगे भी विचार विमर्श करेंगी ताकि उत्तार पूर्व की महिलाओं में सुरक्षा और भरोसे की भावना का संचार हो सके।
वादे हैं वादों का क्या
मुख्यमंत्री ने आज बैठक में यह भी कहा कि सरकार डीटीसी बसों पर महिलाओं की मदद के लिए सभी हेल्पलाइन नंबर प्रचारित करेगी। हालांकि ऐसा ही वायदा आज से सात साल पहले 18 दिसंबर 2003 को सिंधिया हाउस में हुई परिवहन विभाग की एक बैठक में भी किया गया। बैठक में परिवहन विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से डीटीसी की बसों में हेल्पलाइन नंबर लिखने का वादा किया था। यह नंबर थे- 9604, 400-400 और 1091। इन्हें डीटीसी की बसों के अंदर और बाहर मोटे अक्षरों में लिखा जाना था। यह वायदा किन फाइलों में दब गया, कोई नहीं जानता।
इन नंबरों से पा सकते हैं मदद
दिल्ली पुलिस के हेल्पलाइन नंबर हैं- 100, 1090, 1091 और 23317004। इसके अलावा दिल्ली महिला आयोग ने दुष्कर्म मामलों के लिए 24 घटे की हेल्पलाइन शुरू की है। यह है 23370557। इसका एक टोल-फ्री नंबर 1800-11-9292 है। संकट में महिलाएं 23379181 पर भी संपर्क कर सकती हैं।
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